16 अंकों का प्रदर्शन - अनि-प्रयोगशाला

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16 अंकों का प्रदर्शन

16 अंकों का प्रदर्शन

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आज हम 16 संख्या  के एक प्रदर्शन  के बारे में जानेंगे। यह प्रदर्शन तब हमारे बड़े काम का है, जब हमें थोड़े ही तारों से संकेत भेजना हो।  
या फिर यूं कहिए कि हमारे पास प्रदर्शन को चलाने के लिए  सूक्ष्म नियंत्रण में  बिंदु कम पड़ रहे हो, अब हम इस प्रदर्शन का प्रयोग करेंगे।  
जैसे कि आप जानते ही हैं  की, एक साथ अंकों वाले प्रदर्शन में किसी भी अंक को प्रदर्शित करने के लिए हमें कम से कम 7 से 8 रेखाएं तो चाहिए ही ।  
और यदि बात हो 16 अंकों के प्रदर्शन की तो समझ जाइए कि हमें कितनी रेखाएं चाहिए होंगे।  
इस लेख में तरीका बताया गया है जिससे कि हम कम रेखाओं का प्रयोग कर ज्यादा प्रदर्शन को चला सकते हैं।
प्रदर्शन का परिपथ हम नीचे देख सकते हैं।




ऊपर आप आधा भाग देख रहे हैं और उसी के नीचे आधा भाग दोनों को मिलाकर हमारा 16 अंको का प्रदर्शन तैयार हो जाता है।
 यदि हम सभी 16  अंको को  अलग अलग  जोड़ेंगे तो हमें जो बिंदु चाहिए और तार चाहिए वह ज्यादा होंगे।  
इसीलिए हमने इन 16 अंकों को इस प्रकार जोड़ा है कि हमें कम से कम तार और बिंदुओं का प्रयोग करना पड़े।

कार्य विधिः-
 जैसा कि आप देख रहे हैं 1 अंक में 8 बिंदु होते हैं,  7 बिंदु किसी भी संख्या को दर्शाने के लिए और आठवां बिंदु दशमलव के लिए।  
हमने सबसे पहले सभी प्रदर्शनों के सभी अंको को एक साथ जोड़ दिया,  जैसे  ए  को  ए से, बी को बी से आदि।
 यह करने से हमारे पास सभी प्रदर्शनों के लिए 8 बिंदु रह गए जिनकी मदद से हम कोई भी अंक को प्रदर्शित कर सकते हैं।  
अब हमें जरूरत है कि हम उस प्रदर्शन को पकड़े जिसमें हम किसी भी अंक को प्रदर्शित करना चाहते हैं।  
उसके लिए हम डिकोडर आई सी  74 एच सी  138  का प्रयोग करेंगे।  यह  तीन बिंदुओं को 8 बिंदुओं में बदलता है।
और ऐसे ही दो आईसी का प्रयोग कर हम 16 प्रदर्शनों को नियंत्रित करेंगे।
नीचे दी गई सारणी हमें यह बताती है किस प्रदर्शन को नियंत्रण करने के लिए हमें किन किन बिंदुओं पर विभव देना होगा।
जैसे यदि हमें पहले प्रदर्शन में  कोई अंक प्रदर्शित करना है तो हम  डिवाइस सेलेक्ट को 1 रखकर  बाकी सभी को 0 देंगे।   
यहां 1 का मतलब  धनात्मक विभव देना व 0  का मतलब ग्राउंड है।



ऊपर दी गई सारणी के अनुसार आप  कंप्यूटर पर प्रोग्राम बना सकते हैं और अपनी इच्छा अनुसार अंकों को प्रदर्शित करा सकते हैं।

लेखक - अनिरुद्ध शर्मा
अनि प्रयोगशाला