मोबाइल आवेषकों का तर्क - अनि-प्रयोगशाला

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 मोबाइल आवेषकों का तर्क

मोबाइल आवेषकों का तर्क

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कई बार मैं,  कई प्रकार के मोबाइल आवेषकों का  प्रयोग होता देख बड़ा ही चकित रह जाता हूं।
हो सकता है आप भी ऐसे ही चकित रह जाते हो।  
जब किसी भी मोबाइल को किसी अन्य या साधारण आवेषक द्वारा आवेषित करते हैं तो उसे अपने आप पता चल जाता है
की यह आवेषक उस से मेल नहीं खाता।  सोचा जाए तो बहुत ही छोटी बात है, क्योंकि कोई भी मोबाइल का आवेषक हो
वह 5 वोल्ट का विभव ही निकालता है। लेकिन मोबाइल को पता चल जाता है कि वह अभिशाप उसका नहीं है।
 इसी खोज में मैं कई दिन से था कि वह क्या तकनीक है या वह कौन सा तर्क है जो मोबाइल उपयोग करता है।
तब जाकर वह बात समझ में आई जो मैं बताने जा रहा हूं।


जैसा कि हम जानते हैं आजकल हर मोबाइल USB आवेषक द्वारा ही आवेषित होता है।  और एक USB में चार बिंदु होते हैं।
दो बिंदु शक्ति स्रोत का कार्य करते हैं, और दो बिंदु सूचना  के आदान-प्रदान का कार्य करते हैं।
मोबाइल को आवेषित होने के लिए शक्ति तो USB के उन दो बिंदुओं से ही मिलती है परंतु यह बताना
कि यह आवेषक मेल खाएगा या नहीं,  या फिर मुझे इस आवेषक से अधिकतम कितनी धारा लेनी है यह सब,
जो दो बिंदु सूचना के आदान प्रदान का कार्य करते हैं वह निर्धारित करते हैं।  
नए आवेषकों में इन दोनों बिंदुओं को एक साथ जोड़ दिया जाता है और उसमें एक विशिष्ट मात्रा का विभव दिया जाता है।
इस विभव का मान जानकर मोबाइल यह समझ पाता है कि यह आवेषक उससे मेल खाएगा या नहीं या फिर उसे
इस आवेषक से  कितनी मात्रा में धारा लेनी है।
जैसा कि आप जानते ही हैं कि सूचना के दोनों बिंदुओं को हम D+ तथा D - के नाम से जानते हैं।  
अब नीचे की दी हुई सूची आपको यह बताएगी कि यदि आप कोई मोबाइल का आवेषक बना रहे हैं तो आपको
इन दोनों बिंदुओं पर कितना  मान विभव का रखना चाहिए।


एप्पल-  यह अपने मोबाइल के लिए दोनों ही बिंदुओं का अलग-अलग प्रयोग करता है,  यानी के इसके दोनों बिंदुओं पर
अलग-अलग विभव होता है। यदि D + पर 2.75 बोल्ट विभव  है और D - पर 2 वोल्ट विभव है तो यह मोबाइल
आवेषक से एक एंपीयर तक की धारा लेगा। उसी के विपरीत यदि D + पर 2 वोल्ट और D - पर 2.75 वोल्ट है
तो यह आवेषक से मात्र 500 मिली एंपियर ही धारा लेगा और मोबाइल को धीरे-धीरे आवेषित करेगा।
एंड्राइड -  क्योंकि आजकल यह मोबाइल बहुत प्रचलित है और हर दूसरी मोबाइल बनाने वाली कंपनी इसी को बना रही है
तो इसमें मोबाइल आवेषक की पेचीदियाँ जरा कम है।  इसमें दोनों ही बिंदुओं को मिला दिया जाता है और इस पर दिया
जाने वाला विभव 1.66 वोल्ट से 3.55 वोल्ट तक रहता है। इस विभव की मात्रा मोबाइल बनाने वाली कंपनी अपने
अनुसार निर्धारित करती है।  इसकी कोई एक मात्रा नहीं है। और कई मोबाइल तो ऐसे भी होते हैं जिन्हें इस विभव की
आवश्यकता ही नहीं होती। पर अब ज्यादातर सभी मोबाइलों में इसकी आवश्यकता पड़ती है।

तो अपना मोबाइल आवेषक जब भी बनाए तो उपरोक्त बिंदुओं का ध्यान रखें।

लेखक :- अनिरुद्ध कुमार शर्मा

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